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कुछ आवाज़ें आने वाली हैं। उन्हें पकड़ें। आपको वे प्रार्थना के माध्यम से प्राप्त होंगे। आपको वे प्रार्थना के माध्यम से प्राप्त होंगे। क्योंकि जो कुछ आत्मा में होता है, वही सांसारिक रूप में भी होता है।
हम अमेरिकी पादरी और संत, रेवरेंड ब्रैंडन बिग्स के "स्वर्गीय ध्वनि" के बारे में दिए गए रहस्योद्घाटन से मंत्रमुग्ध हैं।मैंने कहा, "हे भगवान, कितनी तरह की ध्वनि की आवृत्तियाँ हैं, जिस तरह से उन्होंने हमें बनाया है।" ईश्वर संगीत का ईश्वर है। ईश्वर आराधना का ईश्वर है। ईश्वर स्तुति का ईश्वर है। और वहां ध्वनियां भी हैं। यहां दिव्य ध्वनियां हैं। और मैं आपको बता रहा हूँ, परमेश्वर की आत्मा के द्वारा, इस आने वाले अंत-समय के महिमामय चर्च के लिए उपासना का एक ऐसा स्तर है जो हमने पहले कभी नहीं देखा। ध्वनि का एक और स्तर है।एक अन्य समकालीन ईसाई संत और पादरी, किम क्लेमेंट भी एक रहस्यमय ध्वनि का उल्लेख करते हैं जो बह रही है।“एक ऐसी ध्वनि आ रही है जो न तो धर्म से आ रही है और न ही मानव निर्मित सिद्धांतों से। प्रभु कहते हैं, “पृथ्वी पर आते मसीह ऐसी ध्वनि सुनाई दे रही है जैसी पहले कभी नहीं सुनाई दी।”दिलचस्प बात यह है कि, लगभग सभी प्राचीन पवित्र ग्रंथों में दिव्य उद्गम की ध्वनि पर कुछ अंश मौजूद हैं। कभी-कभी इस ध्वनि को "शब्द," "लोगोस," या "स्वर्गीय धुन" भी कहा जाता है; कभी इसे "अलौकिक ध्वनि," "ताओ," "नाम," "मंडलों का संगीत," "कलमा," "क्वान यिन," आदि नामों से भी बताया जाता है।"[ऋषि] सुता गोस्वामी ने कहा: हे ब्राह्मण, सबसे पहले दिव्य ध्वनि का गहन कंपन सबसे उन्नत भगवान ब्रह्मा के हृदय के आकाश से प्रकट हुआ, जिनका मन आध्यात्मिक अनुभूति में पूरी तरह से स्थिर था। जब कोई व्यक्ति बाह्य श्रवण को बंद कर देता है तो वह इस सूक्ष्म कंपन को महसूस कर सकता है।वेदों (ज्ञान) के इस सूक्ष्म रूप की पूजा करके, हे ब्राह्मण, रहस्यवादी ऋषिगण अपने हृदय को पदार्थ, क्रिया और कर्ता की अशुद्धियों से उत्पन्न हुइ सभी मलिनताओं को शुद्ध कर लेते हैं और इस प्रकार वे बार-बार के जन्म और मृत्यु से मुक्ति प्राप्त कर लेते हैं।""और मैंने आकाश से एक ऐसी ध्वनि सुनी जो बहते पानी की गर्जना और गगड़गड़ाहट की तेज गुंजन की तरह थी। मुझे जो आवाज सुनाई दी, वह वीणा वादकों द्वारा बजाई जा रही वीणा जैसी थी।"“जिन लोगों को अभी और सीखना है, जो परिस्थितियों से प्रबुद्ध हुए हैं, और जो ध्वनि-श्रोता हैं, उन्होंने अब अपने मन सर्वोच्च बोध, अद्वितीय और अद्भुत आत्मज्ञान की प्राप्ति की ओर मोड़ लिया है।” बौद्ध धर्म - सुरंगमा सूत्र"तंत्रीओं की झंकार में ज्यामिति छिपी होती है। ग्रहों के बीच की दूरी में संगीत समाहित है।" ग्रीक दर्शनशास्त्र - पाइथागोरस (वीगन)"उनके [प्रभु के] बारे में सुनने का अर्थ है दिव्य ध्वनि के कंपन की प्रक्रिया द्वारा उनसे तत्काल संपर्क स्थापित करना। और यह दिव्य ध्वनि इतनी प्रभावशाली है कि यह तुरंत ही सभी भौतिक आसक्तियों को दूर कर देती है..." कृष्ण चेतना - श्रीला प्रभुपाद (शाकाहारी)"संपूर्ण विश्व भरा हुआ है ईश्वर के दिव्य प्रकाश और ध्वनि से। अंधे लोग फिर भी पूछते हैं कि कहाँ है ईश्वर। अपने उन कानों को साफ करो जो अहंकार और संशयवाद के मैल से भरे हुए हैं, और तब आप ऊपर स्वर्ग से हर दिशा में आती हुई ध्वनि सुन पाओगे। यह एक रहस्य है कि हम न्याय के दिन दिव्य तुरही की गूंज सुनने की प्रतीक्षा क्यों करते हैं, जबकि दिव्य तुरही की मधुर ध्वनि अविरत गूंजती रहती है।" इस्लाम - मुग़ल राजकुमार मुहम्मद दारा शिकोह (शाकाहारी)“दैहिक कान इन शब्दों को सुन सकते हैं। आत्मा के कान ईश्वर के रहस्यों को आकर्षित कर सकते हैं।" सूफ़ीवाद - मौलाना जलालुद्दीन मुहम्मद रूमी (शाकाहारी)“हे तपस्वी! ब्रह्मांडीय ध्वनि 'ओम' पर ध्यान करें क्योंकि यह दुख की आग को बुझाने के लिए बारिश के समान है। और यह उस दीपक के समान भी है जो पवित्र शिक्षाओं के सूक्ष्म सार को प्रकाशित करता है। यह अच्छे कर्मों का शासन है।" जैन धर्म - पवित्र ज्ञानार्णव"फिर ध्वनि बहती है और फैलती है जैसे शीतनिद्रा में सो रहे कीड़े वसंत ऋतु में हरकत करने लगते हैं और मैं उन्हें गरज की आवाज से चौंका देता हूं, लेकिन अंत में कोई निष्कर्ष नहीं होता और शुरुआत में कोई प्रस्तावना नहीं होती। अब मृत, अब जीवित; कभी गिरते हैं, कभी उठते हैं- उनकी स्थिरताएँ अंतहीन रूप से बदलती रहती हैं।" ताओवाद - चुआंग त्ज़ु (शाकाहारी)"हमें ईश्वर का धन्यवाद करना चाहिए कि उन्होंने हमारे लिए भौतिक सुख-सुविधाओं और आध्यात्मिक वरदानों दोनों का सृजन किया है। […] उन्होंने हमें ध्वनि की मधुरता का आनंद लेने के लिए बाहरी कान और हमारे सृष्टिकर्ता की वाणी सुनने के लिए आंतरिक श्रवण शक्ति प्रदान की है।" बहाई धर्म - अब्दुल-बहा (शाकाहारी) द्वारा सार्वभौमिक शांति का प्रचारवगैरह…हाल के वर्षों में, वैज्ञानिक समुदाय के सदस्यों ने ब्रह्मांड की रचना में ध्वनि और आवृत्ति द्वारा निभाई जाने वाली मौलिक भूमिका को उजागर करना शुरू कर दिया है।सभी झूठों और धोखों के बीच, एक ऐसी सामान्य बात है जो सभी चीजों का स्रोत बनी रहती है, और असली रोमांच यहीं से शुरू होता है। ध्वनि और अनुनाद, सृष्टि के सामान्य सूत्र हैं। आधुनिक विज्ञान हमें बताता है कि हम एक विद्युत चुम्बकीय ब्रह्मांड में रहते हैं; सब कुछ घूमता और कंपन करता है। मैं इसे सुधारना चाहूंगा; मैं यह कहना चाहूंगा कि यह एक विद्युतचुंबकीय ब्रह्मांड नहीं है, यह एक चुंबक-विद्युतीय ब्रह्मांड है। इन दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। और फिर, यह एक छोटी सी सूक्ष्मता है, लेकिन यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण सूक्ष्मता है, क्योंकि ब्रह्मांड पर बिजली नहीं बल्कि चुंबकत्व का शासन है। ध्वनि, चुंबकत्व, विद्युत, और आप देखेंगे कि कैसे यह श्रृंखला प्रतिक्रिया उन सभी चीजों का कारण बनती है जिन्हें हम देखते हैं।जब हम रात के आकाश या अपने आसपास की प्रकृति को देखते हैं, तो सृष्टि में सब कुछ घूमता और कंपन करता है, हर चीज की अपनी एक प्रमुख अनुनाद आवृत्ति होती है, हर चीज की, और यही कारण है कि एक बार जब हम किसी जीवाणु, परमाणु या किसी भी वस्तु, या फुटबॉल मैदान की प्रमुख अनुनाद आवृत्ति की पहचान कर लेते हैं, तो हम उस वस्तु को उनकी प्रमुख अनुनाद आवृत्ति के अनुसार नियंत्रित कर सकते हैं। ईसाई धर्म में, यह वचन है; हिंदू धर्म में, इसे ओम कहते हैं; मिस्रवासी मानते हैं कि ब्रह्मांड की रचना गीतों के माध्यम से हुई थी; और ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी मानते हैं कि दुनिया की रचना तीन पवित्र गीतों के साथ हुई थी। और फिर हमें ईसाई धर्म में सृष्टि के छह दिनों और उस वचन के बीच अभूतपूर्व समानताएं दिखाई देती हैं जिसने सब कुछ बनाया है; ओम के छह पहलू; और होरस की सर्व-दृष्टि वाली आंख के छह पहलू। और फिर आपको इन सभी प्राचीन संस्कृतियों और सृजन की कहानियों के बीच संबंध दिखने लगते हैं।यह रहस्यमयी ध्वनि समय की शुरुआत से ही मौजूद है। रेवरेंड ब्रैंडन बिग्स के संदेश के आधार पर, प्रभु न केवल दिव्य रूप से प्रेरित संगीत या गीतों के माध्यम से दुनिया को ठीक करने जा रहे हैं, बल्कि अधिक महत्वपूर्ण यह है, कि पवित्र कंपन और आवृत्तियों की "स्वर्गीय ध्वनियों" के माध्यम से भी ऐसा करेंगे।हमारे सबसे प्रिय सुप्रीम मास्टर चिंग हाई (वीगन) लोगों को क्वान यिन ध्यान पद्धति में दीक्षित कर रहे हैं, जो हमें आंतरिक स्वर्गीय प्रकाश देखने और आंतरिक स्वर्गीय ध्वनि सुनने में सक्षम बनाती है। मास्टर ने अपने कई व्याख्यानों में इस अनमोल विधि के बारे में, विशेष रूप से "स्वर्गीय ध्वनि" के अर्थ के बारे में स्पष्ट रूप से बताया है।अब, क्वान यिन क्या है? क्वान यिन का अर्थ है चिंतन करना, आंतरिक (स्वर्गीय) कंपन, आंतरिक (स्वर्गीय) संगीत, वह आंतरिक…। मैं इसे संगीत नहीं कह सकती। लेकिन फिर भी, मैं यह नहीं कह सकती कि यह संगीत नहीं है, और फिर भी मैं यह भी नहीं कह सकती कि यह एक कंपन है। मुझे नहीं पता यह क्या है। बाइबल में, यह बताता है, शब्द, ध्वनि, कंपन। इसलिए इसमें लिखा है, “आदि में शब्द था, और शब्द परमेश्वर के साथ था, और वह शब्द परमेश्वर था।” "और सब कुछ इसी शब्द से बनाया गया था। और जो कुछ भी बनाया गया है, वह इसी शब्द के द्वारा बनाया गया है। शब्द का अर्थ है ध्वनि, कंपन, एक आंतरिक संगीत, दिव्य... कैसे कहें… (आंतरिक दिव्य ध्वनि।) जी हाँ, बस इतना ही। धन्यवाद।हम चीनी कहते हैं "振動力(ज़ेन्डोंगली)।" इसका अर्थ है आंतरिक कंपन। लेकिन इस कंपन, हम कानों से इस को नहीं सुन सकते। हम इसे छूने या पकड़ने के लिए अपनी किसी भी इंद्रिय का उपयोग नहीं कर सकते। हमें अपनी भीतरी चेतनता का उपयोग करना होगा। आंतरिक स्व से उत्पन्न भीतरी चेतनता। आंतरिक स्व ही वास्तविक स्व है। यह शरीर नहीं है। जो इस शरीर में निवास करता है- वही हमारा वास्तविक स्वरूप है। और जब हम इस आंतरिक परमज्ञान या आंतरिक (स्वर्गीय) कंपन को सुनते हैं, तो इसका मतलब है कि हमारा आंतरिक स्व जागृत हो गया है। इसलिए, जब हम कहते हैं कि किसी को महान आध्यात्मिक जागृति का अनुभव होता है, तो इसका मतलब बिल्कुल वैसा ही होता है। “जागृति – कौन जागृत हो रहा है?” हमारी आंखें हर दिन इतनी बड़ी और खुली होती हैं, फिर भी हम जागृत नहीं होते? आप मजाक कर रहे होंगे?" नहीं, मैं मजाक नहीं कर रही हूँ। हम जागृत नहीं हैं। हम तभी जागृत होते हैं जब हम प्रबुद्ध हो जाते हैं। जब हमारा भीतरी स्व जागृत होता है। अब यह सो रहा है। इसलिए, हम आंतरिक जगत का अनुभव नहीं कर सकते, न ही ईश्वर या स्वर्ग से मिलने वाले आशीर्वाद का। हम इस दुनिया में हैं; हम इस वस्तुगत, भौतिक, नश्वर दुनिया में जी रहे हैं, तैर रहे हैं, कष्ट भोग रहे हैं। तो हम मृतक हैं। ओह, क्षमा करें, मैंने आपको फिर से चौंका दिया। जब हम जागृत हो जते हैं, तभी हम पुनः जीवित हो उठते हैं।यह क्वान यिन विधि आपको आंतरिक जगत के तत्काल आंतरिक अनुभव, प्रकाश रहित आंतरिक (स्वर्गीय) प्रकाश के अनुभव, ध्वनि रहित आंतरिक (स्वर्गीय) ध्वनि के अनुभव प्रदान करती है। यह सब ईश्वर की प्रत्यक्ष आंतरिक शिक्षा से, बुद्ध की प्रत्यक्ष आंतरिक शिक्षा से आया है। यही वह बात है जिसे आपको अवश्य जानना चाहिए, ताकि आप एक ही जन्म में, इसी जन्म में मुक्ति पा सकें!!! धर्म के अंत के समय में भी – हमारे समय जैसे इतने निराशाजनक, संकटपूर्ण और खतरनाक समय में भी!क्वान यिन ध्यान पद्धति का प्रसार करके, सुप्रीम मास्टर चिंग हाई मानवता और पृथ्वी पर स्वर्गिय ध्वनि ला रहे हैं। हमारे संघ के एक सदस्य ने हमारे साथ क्वान यिन विधि, स्वर्गीय ध्वनि और सुप्रीम मास्टर चिंग हाई के बीच संबंध के बारे में अपनी अनुभूति साँझा की।प्रिय मास्टर, मुझे क्वान यिन विधि सिखाने के लिए आपका धन्यवाद। मुझे सोते समय भी दर्शन दिखाई देते हैं। ब्रह्मांड में मौजूद विकसित आत्माओं में से, मास्टर अन्य सभी आत्माओं से अरबों वर्ष अधिक उन्नत हैं। मास्टर ने क्वान यिन पद्धति का आविष्कार या खोज की, और मास्टर ही वह ध्वनि धारा हैं जो सचेतन प्राणियों को बचाने के लिए वापस आई हैं। मास्टर ने कई आध्यात्मिक जगत भी स्थापित किए हैं, ताकि क्वान यिन पद्धति का अभ्यास करने वाले लोग अपने विकास के स्तर के अनुसार सीख सकें। ये सभी आध्यात्मिक जगतों अत्यंत परिष्कृत हैं, ताकि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर के अनुसार उपयुक्त जगत में शिक्षा प्राप्त कर सके। प्रत्येक विधि, प्रत्येक विज्ञान, प्रत्येक तकनीक और आत्मा में होने वाले प्रत्येक परिवर्तन अत्यंत सटीक होते हैं। लेकिन इस दुनिया में, सब कुछ अव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ता है, और हर कोई अपनी मर्जी से काम कर रहा है। लेकिन जो लोग क्वान यिन पद्धति का अभ्यास करते हैं, वे एक अलग प्रणाली का पालन करते हैं। हालांकि अन्य आध्यात्मिक नेताओं भी अपनी-अपनी पद्धतियों का अनुसरण करते हैं, लेकिन कोई भी अन्य पद्धति ईस क्वान यिन पद्धति जितनी तेज़ नहीं है; यह सात लीग के बूट पहनने जैसा है, और यह बहुत, बहुत तेज है। मास्टर हमेशा से ही संवेदनशील प्राणियों की सहायता करते आ रहे हैं। और मास्टर इस दुनिया में, साथ ही साथ अन्य आध्यात्मिक लोकों में भी कई बार वापस आ चुके हैं। मास्टर एक तरह से समग्र नेता हैं, जो हर चीज का निर्देशन करतीं हैं, हर काम करतीं हैं, कई चीजें करतीं हैं। इन शीर्ष रहस्यों के बारे में आपको इतनी जानकारी कैसे है? सीआईए? (मास्टर आपका धन्यवाद।) […]ऐसा नहीं है कि मैंने वह क्वान यिन पद्धति का आविष्कार किया है। मुझे ईस क्वान यिन पद्धति का पता है। यह विधि समय की शुरुआत से ही अस्तित्व में है, पहली बार जब ब्रह्मांड का निर्माण हुआ था, और यह हमेशा अस्तित्व में रहेगी। दरअसल, यह कोई विधि नहीं है; पर एक सार्वत्रिक मार्ग, एक सार्वत्रिक नियम। यदि हम मूल की ओर, अपने सच्चे स्वरूप की ओर, या ईश्वर के राज्य की ओर, या अपने बुद्ध स्वरूप की ओर लौटना चाहते हैं, तो हमें इस नियम का पालन करना होगा; यह एक विज्ञान है जो बहुत सटीक है, जैसे दो जोड़ दो बराबर चार होता है। कोई और तरीका नहीं है इसे हासिल करने का।इस दर्शन से यह प्रकट हुआ कि सुप्रीम मास्टर चिंग हाई सृष्टि की मूल ध्वनि धारा भौतिक रूप में हैं, जो मानवजाति के साथ स्वर्गीय ध्वनि संबंध को पुनर्स्थापित करने के लिए यहाँ उपस्थित है। हम कल्पना कर सकते हैं कि जब पृथ्वी की प्रमुख अनुनाद आवृत्ति स्वर्गीय ध्वनि बन जाएगी, तो पूरा ग्रह स्वर्ग बन जाएगा।रेवरेंड ब्रैंडन बिग्स के संदेश से संकेत मिलता है कि अधिक लोग स्वर्गीय ध्वनि के संपर्क में आएंगे। शायद, यह दुनिया में अपार शुद्धि और उपचार लाएगा। इस शानदार खबर को हमारे सामने लाने के लिए हम रेवरेंड ब्रैंडन बिग्स के आभारी हैं!वो आवाज़ें आने वाली हैं। उन्हें पकड़ें। आप वे प्रार्थना के माध्यम से प्राप्त होंगे। आप वे प्रार्थना के माध्यम से प्राप्त करेंगे। क्योंकि जो आत्मा में होता है, वही प्रकृत्रि में भी होता है, परन्तु आपको प्रार्थना और उनके चरणों में बैठकर संगति करने के द्वारा उन्हें आत्मा में से ही प्रकृत्रि में लाना होगा। प्रभु ने कहा, “ब्रैंडन, यहाँ घनिष्ठता है। आप यह देखते हो? ऐसी उपासना भी है जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं है। ऐसी दिव्य ध्वनियाँ हैं जिनके बारे में आप नहीं जानते। मेरे चरणों में बैठें।"इसलिए, आप सबके साथ इन सब चीजों पर चर्चा करना मेरे लिए रोमांचक था, क्योंकि हम इसके बहुत करीब पहुंच रहे हैं। वह संगीत वह नींव रख रहा है जो बस आने वाला है उसके लिए। वह अपने चर्च को उन लोगों के लिए तैयार कर रहा है जो उनकी बात सुन रहे हैं। इसे पकड़ो। एक दावेदार बनो।










