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प्रतिलिपि
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इस मायावी संसार की लंबी और कठिन यात्रा तब समाप्त होती है, जब हम किसी सम्बुद्ध सत्गुरु से मिलते हैं और दीक्षा प्राप्त करते हैं।

विवरण
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और अब हमारे पास औलाक, जिसे वियतनाम भी कहा जाता है, की तुएत लान से औलासी (वियतनामी) में एक हार्टलाइन है, जिस में अनेक भाषाओं में उपशीर्षक हैं;

परम प्रिय सुप्रीम मास्टर चिंग हाई, मैं आदरपूर्वक आपको प्रणाम करती हूँ। मैं उस मार्ग से जुड़े अपने अनुभव और आत्मीय संबंध को साझा करना चाहती हूँ, जिसने मुझे आप तक पहुँचाया। 1987 में मैंने अपनी चौथी संतान को जन्म दिया। उस समय मुझे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और मेरा स्वास्थ्य बहुत कमज़ोर हो गया। मैं चिकित्सकीय रूप से सात घंटे तक मृत रही। डॉक्टरों ने कहा कि मुझे अस्पताल के शवगृह में भेज देना चाहिए, लेकिन मेरे परिवार ने उनसे यह देखने हेतु कुछ और समय प्रतीक्षा करने की विनती की कि मुझे होश आ सकता है।

मैंने एक तेज़ धमाका सुना और मेरी आत्मा शरीर से निकल गई। मैं एक ऐसे स्थान पर पहुँची, जो सुंदर लोगों और प्रखर प्रकाश से भरा था। वे फल तोड़ रहे थे और आनंदपूर्वक साथ खेल रहे थे। मैंने नीचे देखा तो मेरा शरीर अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा था और मेरे परिवार-जन चारों ओर खड़े रो रहे थे। फिर मैं नीचे नरक के द्वार पर जा गिरी। मैंने दंड और यातना के अत्यंत क्रूर दृश्य देखे। वहाँ कुछ जीव अभिलेख-पुस्तिकाएँ लिए हुए थे। उन्होंने कहा कि वीगन आहार अपनाने वाले ऐसे स्थान पर नहीं गिरेंगे।

उस क्षण मैंने उनसे मुझे फिर से जीवन देने की विनती की, क्योंकि मैंने अभी-अभी एक शिशु को जन्म दिया था और जीवित रहते हुए परोपकार भी किया था। मैंने वचन दिया कि यदि मुझे जीवन में लौटने दिया गया, तो मैं वीगन बन जाऊँगी।

तभी मैंने अपने सामने एक चकाचौंध कर देने वाला तेज प्रकाश देखा। मैंने श्वेत वस्त्रों में एक महिला को देखा, जिन्होंने क्वान यिन बोधिसत्व की तरह सफ़ेद शिरोवस्त्र और घूँघट पहन रखा था, वे मुझे ऊपर उड़ने का संकेत देते हुए अपना हाथ हिला रहे थे। बाद में आपसे मिलने और आपके मार्गदर्शन में साधना करने के बाद मुझे एहसास हुआ कि उस दिन मुझे बचाने वाले आप ही थें।

मेरी उँगलियों में हल्की-सी हलचल हुई। मेरे परिवार ने डॉक्टरों को बुलाया और मैं पुनः जीवित हो गई। उसके बाद मैंने वीगन आहार अपनाया और आध्यात्मिक मार्ग की खोज शुरू की। उस समय किसी ने मुझे आपके बारे में झूठी जानकारी वाला एक समाचार-पत्र का लेख दिया था। जब मैंने वह समाचार-पत्र हाथ में लेकर बस आपका नाम पढ़ा था, तभी अचानक पूरा पृष्ठ चमकदार श्वेत प्रकाश से भर गया और मैं कोई भी शब्द नहीं पढ़ सकी। मुझे केवल आपका नाम याद रहा। मैं आपकी आध्यात्मिक पद्धति की खोज करती रही। बाद में मुझे आपसे दीक्षा प्राप्त हुई। धीरे-धीरे मेरे बच्चे भी वीगन बने और उन्होंने भी दीक्षा प्राप्त की। बाद में मैंने एक वीगन भोजनालय खोला।

अब मेरी आयु 70 वर्ष से अधिक है, फिर भी मैं बहुत स्वस्थ हूँ। मेरे बच्चे सफल हैं और मैं सदैव कम भाग्यशाली लोगों को भौतिक सहायता देती हूँ। हृदय की गहराइयों से मैं सदा आपकी आभारी हूँ कि आपने मुझे पुनः जीवन दिया, ताकि इस मानव जीवन में मैं आपसे मिल सकूँ और आध्यात्मिक साधना कर सकूँ। मैं आदरपूर्वक आपके शाश्वत उत्तम स्वास्थ्य की कामना करती हूँ। आशा है की विश्व शीघ्र ही वीगन बने। मानवता शीघ्र ही जागृत हो, ताकि यह धरती स्वर्ग बन सके। सुप्रीम मास्टर टेलीविज़न की टीम के उत्तम स्वास्थ्य और उनके कार्य में निरंतर सफलता की कामना करती हूँ। औलाक (वियतनाम) से शिष्या तुएत लान

भाग्यशाली तुएत लान, आपकी हार्टलाइन के लिए धन्यवाद। गुरुवर आपको यह प्यारा सा जवाब भेजतें है:

“धन्य तुएत लान, आपकी विनम्र ईमानदारी को महसूस करके और आपकी कहानी को सुनकर मेरा हृदय बहुत प्रभावित हुआ है। इस मायावी संसार की लंबी और कठिन यात्रा तब समाप्त होती है, जब हम किसी सम्बुद्ध सत्गुरु से मिलते हैं और दीक्षा प्राप्त करते हैं। जब हमारे परमेश्वर के पास लौटने का समय आएगा, तब गुरुवर की शक्ति सारा इंतज़ाम करेंगे। जिन परिस्थितियों ने आपको आध्यात्मिक मार्ग तक पहुँचाया, वे असाधारण थीं, और यह अद्भुत है कि आपने उस स्थिति का सर्वोत्तम सदुपयोग करते हुए स्वयं और अपने परिवार को सकारात्मक रूप से बदल दिया। आपके बच्चे सचमुच सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें आपके जैसी माँ मिली। साथ मिलकर अच्छी तरह साधना करते रहें, ताकि आपका परिवार प्रकाश-स्तंभ की तरह चमके और दूसरों को परमेश्वर तक पहुँचने का मार्ग खोजने में सहायता दे! संयुक्त तीन परम शक्तिशाली की कृपा से, आप और औलाक (वियतनाम) के मनमोहक लोग, अपने भीतर के महिमामय ईश्वरीय प्रकृति के प्रति जागृत हों। मेरा प्रेम सदा आप और आपके प्रियजनों के साथ है, अभी और सदा के लिए!”
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