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यहाँ मास्टर समझाती हैं कि क्वान यिन ध्यान पद्धति हमें आत्मज्ञान तक पहुँचाती है। पहले से किसी धार्मिक ज्ञान की आवश्यकता नहीं है; बस नैतिक जीवन जीते रहें और वीगन आहार अपनाये यदि आपने अभी तक नहीं अपनाया है। (ज्ञानोदय की इस लगभग अवर्णनीय साधना, इस ध्यान-पद्धति का अभ्यास करने वालों के लिए क्या किसी विशेष धार्मिक पृष्ठभूमि या प्रशिक्षण की आवश्यकता है? क्या उनका किसी विशेष धार्मिक मत से जुड़ा होना आवश्यक है?) नहीं, हीं, बिल्कुल नहीं। उनकी धार्मिक पृष्ठभूमि होना भी आवश्यक नहीं है। उन्हें आत्म-स्वरूप और परमात्मा सत्व का ज्ञान में लाए जाएगा, और तभी वे वास्तविक धार्मिक बनेंगे। धर्म तो प्राचीन गुरुओं की शिक्षाओं के कुछ अवशेषो मात्र हैं। मौखिक प्रशिक्षण, सैद्धांतिक तरीके से सिखाना, जो हर गुरु के पास होंगे, जैसे कि एक है मुख से सिखाना- लोगों को यह और वह कहना और दूसरा है मौन रहकर सिखाना। वही सबसे महत्त्वपूर्ण है। लेकिन इन दोनों का मेल से ही जीवंत शिक्षा बनाती है; वरना, वह केवल आधा है। (क्या आपको लगता है कि आज, 1993 में, इस साधना का अभ्यास करने वालों के लिए समूहों में मिलकर इस प्रक्रम में एक-दूसरे का साथ देना महत्त्वपूर्ण है, या इससे कोई फर्क पड़ता है?) खैर, सामूहिक ऊर्जा के कारण इससे सहायता मिलती है, और साथ होने पर वे एक-दूसरे को प्रोत्साहित भी करते हैं। वे अपनी कुछ शंकाएँ और ज्ञानोदय से जुड़े उनके आदर्श होते हैं उसे भी साझा करते हैं। इससे सहाय करता है, लेकिन यह सबसे... मेरा मतलब है, यह बहुत अनिवार्य नहीं है। आप घर पर अकेले भी अभ्यास कर सकते हैं। (मास्टर, आपसे अभी बात करते हुए मुझे लगता है कि ज्यादातर पारंपरिक धर्मों में पालन करने के लिए नियमों और दिशानिर्देशो होते हैं, चीजें जिसका वे अनुसरण करते हैं, लेकिन आप जो कहते हैं उस से लगता है कि आपके अनुयायीओं उतना सारा नहीं करते, बल्कि ज्यादातर अपने अंतर्बोध से आता हैं। क्या इस मे मैं सही हूँ, या आप इसे किस तरह समझाएँगी?) बिल्कुल, बिल्कुल। आप बहुत प्रबुद्ध हैं, हां। (बहुत-बहुत अच्छा, धन्यवाद। उस से मैं अभिभूत हुई हूँ।) नहीं, आप अपनी बहुत स्पष्टवादी हैं, और इसका अर्थ है कि आप समझ गई। Bonnie: धन्यवाद। इसके लिए धन्यवाद। (जी।) मैं इस तथ्य पर बात करना चाहती हूँ कि हाल ही में, यानी मैं बात कर रही हूँ इसी वर्ष 25अक्तूबर को, आप ईंटरनैशनल पीस कोमेंडेशन के प्राप्तकर्ता हैं। यह वर्ल्ड पीस एवार्ड है, जो आपको हवाई के गवर्नर (मेयर) द्वारा प्रदान किया गया था। और मैं सोच रही हूँ क्या आप हमें बताएँगी कि यह पुरस्कार क्या है और शायद यह भी कि आपको क्यों चुना गया? क्या विशेषता थी जिसके कारण आपको चुना गया? Master: अच्छा, मैं स्वयं नहीं जानती; मुझे बस इसे ग्रहण करने के लिए बुलाया गया। शायद उन्होंने मिलकर तय किया कि इस बार किसी महिला को चुना जाए (यह अच्छी बात है।) कुछ बदलाव के लिए। हाँ, और शायद यह महिलाओं का वर्ष है। यहाँ तक कि महिला पूर्व सैनिकाओं भी सम्मानित की गई। (यह बहुत अच्छी बात कही।) जी। (इसके लिए धन्यवाद।) हाँ, क्योंकि मुझे नहीं लगता कि मैंने संसार के लिए इतना अधिक किया है। मेरा मतलब, शायद मैंने भौतिक रूप से अधिक आध्यात्मिक रूप से किया है। लेकिन कौन जानता है कि परमेश्वर आपसे क्या कराना या आपको क्या प्राप्त कराना चाहता है। वह आपको जो भी देना चाहे, आप उसे अस्वीकार नहीं कर सकते। (जी। और निश्चित ही, यह पुरस्कार मिलने से आप ऐसी स्थिति में आ गई हैं कि मुख्यधारा का मीडिया भी आपका साक्षात्कार ले रहा है और आपका संदेश आप ले कहां जा रही हैं। और मैं एक सुधार करना चाहती हूँ। वास्तव में यह पुरस्कार आपको मेयर फासी द्वारा दिया गया था। तो वह मेयर हैं...) जी, होनोलूलू के, हाँ। (बिल्कुल, होनोलूलू के।) वे सरकार का भी प्रतिनिधित्व करते हैं- दोनों का। (मैं यह भी बताना चाहती हूँ, कि मास्टर और उनके सह-साधकों ने फिलीपींस में माउंट पिनातुबो ज्वालामुखी विस्फोट के पीड़ितों के लिए लगभग दो मिलियन डॉलर दान किए। और हाल ही में उन्होंने और उनके अनुयायियों ने लॉस एंजिलिस के आसपास अग्निकांड से तबाह क्षेत्र की राहत के लिए दो लाख डॉलर देने का संकल्प लिया है। अब, यहाँ हम धन की बात कर रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है, मास्टर, कि धन भी ऊर्जा है, और यह कि यह है, विश्व शांति के लिए आपके गहन ध्यान के अलावा, यह भौतिक स्तर पर सहायता करने का भी एक तरीका है।) सही। सही। यह भी भौतिक ऊर्जा है। और यदि हम भौतिक ऊर्जा को आध्यात्मिक ऊर्जा से जोड़ दें, तो शायद वह अधिक प्रबल और शीघ्र होगा। (सही। शायद।) जी। मुझे प्रसन्नता है आप धन को ऊर्जा के रूप में देखती हैं। (जी।) आपकी चेतना बहुत उन्नत है, क्योंकि अधिकांश लोग धन को केवल भौतिक वस्तु मानते हैं। यह हमेशा सच नहीं होता। निर्भर करता है हम उसका उपयोग कैसे करते हैं। (बिल्कुल।) Jared: मास्टर, मुझे विश्वास है कि हमारे श्रोताओं, प्रभावित हुए होंगे। मैं स्वयं चकित हूँ कि आप इन ज़रूरतमंद लोगों को इतनी बड़ी धनराशि दे पाई हैं। मैं जानना चाहती हूँ आप पहले ही कह चुकी हैं कि जहाँ भी आपकी आवश्यकता होगी, आप जाएँगी। आप अभी अमेरिका में हैं, और मेरी जानकारी में आपका... क्या अब आप अमेरिकी नागरिक हैं? (मानद नागरिक, जी।) मानद नागरिक? (जी।) ठीक है। क्या आपको लगता है कि अब आप अमेरिका में अधिक समय बिताएँगी? Master: फिलहाल, मुझे दृढ़ता से लग रहा है कि मैं कुछ समय, शायद दो महीने, अमेरिका में रहूँगी। जी, कम-से-कम, कम-से-कम। (और उसके बाद कहाँ?) देखिए, मुझे जगह-जगह आमंत्रित किया जाता है, इसके बाद मुझे निर्णय लेना होगा, या ध्यान करके जानना होगा कि सबसे अधिक जरूरत वाला क्षेत्र कहाँ है, दूसरा वाला। (आपके विचार से अमेरिकियों को सबसे अधिक किस चीज़ की आवश्यकता है?) इस ग्रह के अन्य बहुत-से लोगों की तरह, हमें भी अधिक आध्यात्मिक आहार की आवश्यकता है। आपका क्या विचार है? Jared: मुझे लगता है, शायद यह सही है। अच्छा, मास्टर, वास्तव में मुझे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि पिछले सप्ताह सैन फ्रांसिस्को बे एरिया के एक प्रमुख टीवी समाचार चैनल ने अपने नियमित समाचार प्रसारण के बीच आध्यात्मिक खोज पर एक शृंखला दिखाई। और मैंने सोचा की यह अद्भुत था। वास्तव में, शायद आपको यह पता न हो, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूँ कि किसी प्रमुख व्यावसायिक टीवी स्टैशन के लिए वह (ओह, सचमुच?) असाधारण है (अरे, यह तो अच्छी बात है।) कि लोगों की आध्यात्मिक खोज पर प्रसारण में बात करे। मेरे विचार से 10, 15 या 20 वर्ष पहले, ऐसा कभी नहीं हो सकता था। (ठीक है।) लेकिन इस ग्रह पर कुछ बदल रहा है। मैं उत्सुक हूँ कि आप क्या सोचती हैं... अच्छा, हमारे कार्यक्रम में आए कई अतिथियों है जिन्होंने निश्चित रूप से टिप्पणी की है कि, पिछले कुछ वर्षों में ऐसा लगता है मानो किसी रूप में ऊर्जा की गति बढ़ गई है। (सही।) घटनाएँ अधिक तेज़ी से घटती प्रतीत होती हैं।(अच्छा।) बर्लिन की दीवार; जिन बातों को हम असंभव समझते थे, वे हो रही हैं। (सही।) इस बारे में आपका क्या विचार है? इससे आप क्या अंदाज लगाती हैं? Master: अच्छ, इसका अर्थ है कि हम बेहतर हो रहे हैं। अब हम अधिक सौभाग्यशाली हैं, क्योंकि हम वस्तुओं पीछे पड़ने के बजाय जीवन के वास्तविक अर्थ और मूल तत्त्वों की ओर अधिक मुड़ रहे हैं, जैसे आत्मा, जैसे सच्चा आत्म-स्वरूप, और जैसे सब कुछ देने वाला परमात्मा। (आज हम बात कर रहे हैं सुप्रीम मास्टर चिंग हाई के साथ। हाल ही के — यानी इसी वर्ष अक्तूबर के — वह ईंटरनैशंल पीस कोमेंडेशन के प्राप्तकर्ता है। यह वर्ल्ड पीस एवार्ड है। उन्हें अपने बीच पाकर हम प्रसन्न है।) (अच्छा, फिर आपका स्वागत करना चाहते हैं। और कहें तो, यदि आपने अभी-अभी ट्यून कीया है, मैं आपको बता दूँगी आप जहाँ हैं वहाँ आप आ पहुँचे हैं। यह रेडियो 2000, 'सीइंग बियॉन्ड' है, आपके मेज़बान हैं बॉनी और जैरेड। आज सुबह सुप्रीम मास्टर चिंग हाई से हमारी बातचीत में आपका साथ पाकर हम प्रसन्न है।) Bonnie: जैरेड, मुझे लग रहा है कि, बाहर सुन रहे बहुत-से लोगों के मन में सुप्रीम मास्टर चिंग हाई से पूछने के लिए अपने प्रश्न होंगे। इसलिए, आज हमारा सुझाव है कि मास्टर लॉस एंजिलिस क्षेत्र से फ़ोन पर जुड़ी हैं और हमारी तकनीकी व्यवस्था में आपकी आवाज़ सुनना थोड़ा कठिन है, अतः यदि मास्टर का आप अपना प्रश्न पूछना चाहें, तो कैरोलिन को फ़ोन करें। आप सीधे हमारे साथ प्रसारण पर नहीं होंगे, लेकिन हमें आपके प्रश्नों प्रसारित करके बहुत प्रसन्नता होगी। अच्छा, मास्टर, विराम से पहले हम इस बारे में बात कर रहे थे कि आपको अधिक पहचान मिल रही है और आशा है कि हमारे इस आधुनिक संसार में सामान्य रूप से आध्यात्मिकता को भी अधिक मान्यता मिल रही है। शायद आप राजनेताओं के बारे में कुछ बता सकें। मैं जानती हूँ कि कई राजनेताओ आपसे मिले हैं और आप तथा आपके शब्दों ने असर की है और प्रभावित हुए हैं। क्या आपको लगता है कि सामान्यतः राजनेताओं लोगों के बीच अधिक आध्यात्मिक सहयोग की आवश्यकता को पहचानने लगे हैं? Master: हाँ, निश्चित रूप से, बॉनी। मुझे लगता है कि आपने भी यह महसूस किया है। (उन विश्व नेताओं के बारे में कुछ बताइए, जिनसे आप बातचीत कर रही है।) अच्छ, कर्तव्यवश मुझे इसे गोपनीय रखना होगा। Bonnie: क्या वे आपकी बात सुन रहे हैं? मेरा मतलब है, क्या वे सुनते हैं... मैं इसे इस तरह पूछती हूँ। (जी।) हम प्रायः सुनते तो हैं, लेकिन क्या सच में हम सुनते है? (जी, मुझे भी आश्चर्य होता है।) जी, मेरा प्रश्न क्या है? वे आपसे अपने प्रश्न पूछते हैं। क्या वे सुन रहे हैं आप को जो कहना है? Master: ठीक, उनकी आत्मा उसे अवश्य सुनती होगी, बॉनी। (ठीक है।) और उनका अवचेतन मन उसे आत्मसात कर लेगा। किसी न किसी तरह वह भीतर उतर जाएगा, फिर उसे प्रकट होने में समय लगेगा। (आप बार-बार बोले गए शब्द का उल्लेख करती हैं, कि जब हम सच में सुनते हैं, तो भले ही उस क्षण हमारा चेतन मन उसे न समझ पाए, कुछ रूपांतरित और परिवर्तित हो रहा होता है। क्या यह सही है?) सही, सही। (जी।) जी। (ठीक है।) उसका प्रभाव पड़ता है। वरना, तथाकथित जीवित गुरु की कोई जगह ही नहीं हैं। (सही।) जी। (इसके लिए धन्यवाद। बिल्कुल।) Jared: मास्टर, आप उन लोगों को क्या सलाह देंगी जो... मेरा मानना है कि हम भीतर और बाहर, दोनों ओर से अनेक अलग-अलग आध्यात्मिक बातें सुन रहे हैं। मैं मुख्यतः बाहरी बातें की बात कर रही हूँ। हम सुन रहें हैं, न केवल पश्चिमी सोच को, नई आवाज़ें सुनाई दे रही हैं; पूर्व से, सुदूर पूर्व से, एशिया के विभिन्न भागों से, और अन्य स्थानों से भी। ऐसा लगता है, और मुझे विश्वास है कि बहुत-से लोग भी ऐसा महसूस करते होंगे, मानो लगभग हर सप्ताह या उससे भी अधिक बार कोई नया धर्म सामने आ रहा हो। (सचमुच?) कोई सच्ची आवाज़ को कैसे पहचाने? मुझे लगता है कि हम यह पहले भी पूछ चुके हैं, लेकिन मेरे लिए यह एक महत्त्वपूर्ण प्रश्न है। Master: सही। अच्छ, सच्ची आवाज़ हमारी अपनी सच्ची निष्ठा से प्रकट होगी। हम जितने सच्चे होंगे उस पर निर्भर करता है, हमे उतना ही सच्ची आवाज़ मिलेगी। ठीक है? इसलिए हम सुनी-सुनाई बातों, किसी गुरु का प्रसिद्ध स्वभाव, किसी नए धर्म या आप उसे जो भी कहें, उस पर अधिक निर्भर नहीं रह सकते; किंतु हमें अपनी सच्ची निष्ठा पर भरोसा करना होगा। वास्तव में सत्य को हम कितना जानना चाहते हैं? इस सत्य की खोज में हम स्वयं को कितना समर्पित करना चाहते हैं? और यदि हम सचमुच निष्कपट और बिना किसी शर्त के समर्पित हैं, तो हमें वास्तव में सर्वोच्च गुरु मिलेंगे। Bonnie: मास्टर, क्या आप 'इरादा' शब्द की बात कर रही हैं? (आपका क्या आशय है?) 'इरादा' शब्द। मुझे लगता है कि आप... आप 'इरादा' की बात कर रही हैं, वैसे इरादें होते हैं। (जी, जी। इरादा। हमारी निष्ठा, जी।) इरादा की निष्ठा। ठीक है, उत्तरी कैलिफ़ोर्निया के सैन एन्सेल्मो से हमारी एक श्रोता मर्लिन ने फ़ोन किया है। उनका आपसे एक सच्चा प्रश्न है। (जी।) वे पूछती हैं, “जो समाज आध्यात्मिकता को मान्यता ही नहीं देता, उसमें ऐसा काम कैसे खोजा जाए जो आध्यात्मिक रूप से हानिकारक न हो?” Master: समझ गई। अच्छा, मैं यही कह सकती हूँ कि वे ऐसा काम खोजें जो उनकी अंतरात्मा के अनुकूल हो, और, निस्संदेह, वह उनके प्रशिक्षण के क्षेत्र में हो। सत्य की खोज के लिए लोगों को नौकरी छोड़ने, जीवनशैली बदलने या ऐसा कुछ करने की सलाह हम नहीं देते। इसके लिए किसी विशेष नौकरी की आवश्यकता नहीं है। 'काम' से आपका अर्थ नौकरी है या कार्य? दोनों, हाँ? (एक ही।) ठीक है। कोई समस्या नहीं। हम लोगों से नौकरी छोड़ने या जीवनशैली बदलने की बिल्कुल माँग नहीं करते। हाँ, यदि वे अभी तक वीगन नहीं हैं, तो उन्हें वीगन आहार अपनाना चाहिए। और, निस्संदेह सामान्य नैतिक जीवन जीए, जैसे “तुम हत्या नहीं करोगे, तुम चोरी नहीं करोगे और व्यभिचार नहीं करोगे,” आदि। (तो आप लोगों से अपनी सारी सांसारिक चिज़ें त्यागने को नहीं कह रहीं, बल्कि वे जो भी कर रहे हों, उसमें सच्चा इरादा रखने को कह रही हैं?) सही, सही, सही। हमें आध्यात्मिक जगत के साथ-साथ इस संसार के लिए भी उपयोगी और सहायक बनना चाहिए। हमें हर दृष्टि से विकास करना चाहिए, केवल आध्यात्मिक पक्ष में ही नहीं। (धन्यवाद।) Photo Caption: "जंगल घर की तरह जीवन की रक्षा करता है"











